प्रमिला प्रतिमाह ₹7,000 से ₹8,000 तक की आय अर्जित कर रही हैं।

ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना ने बदली प्रमिला की ज़िंदगी: गरीबी से आत्मनिर्भरता तक का सफर

मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार आकांक्षा कोण्डे के निर्देशन में जनपद के सभी विकासखंडों में अल्ट्रा पूअर सपोर्ट, फार्म एवं नॉन फार्म एंटरप्राइजेज और सीबीओ स्तर के उद्यमों की स्थापना की जा रही है। इस पहल के अंतर्गत प्रमिला, जो रविदास स्वयं सहायता समूह एवं आस्था सीएलएफ की सक्रिय सदस्य हैं, को पशुपालन (डेयरी) के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 में अल्ट्रा पूअर गतिविधि के तहत सहयोग प्रदान किया गया।

उत्तराखंड ग्राम्य विकास समिति द्वारा संचालित इस परियोजना के अंतर्गत प्रमिला को ₹35,000 की ब्याजमुक्त ऋण सहायता प्रदान की गई। उन्होंने स्वयं का अंशदान भी किया और समूह से ₹9,000 का अतिरिक्त ऋण लिया। इस पूंजी से उन्होंने एक दुधारू गाय खरीदी, जिससे अब वे प्रतिमाह ₹7,000 से ₹8,000 तक की आय अर्जित कर रही हैं। पहले उनकी मासिक आय मात्र ₹3,000 से ₹4,000 के बीच थी।
अब प्रमिला न केवल अपने परिवार की आवश्यकताएं पूर्ण कर पा रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। यह परिवर्तन जिला प्रशासन और ग्रामोत्थान परियोजना के उन प्रयासों का परिणाम है, जिनका उद्देश्य ग्रामीण अति-गरीब परिवारों को स्थायी और सम्मानजनक आजीविका से जोड़ना है।
प्रमिला की यह यात्रा दर्शाती है कि यदि सही मार्गदर्शन, वित्तीय सहयोग और अवसर उपलब्ध हों, तो कोई भी महिला आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा सकती है।

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