60 साल बाद तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव, DMK-AIADMK का दबदबा टूटा
तमिलनाडु की राजनीति में इस बार ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। करीब छह दशकों से राज्य की सत्ता पर काबिज रही दो प्रमुख पार्टियां—DMK और AIADMK—इस बार सत्ता से दूर होती नजर आ रही हैं।

इस चुनाव में अभिनेता विजय की पार्टी TVK ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सबसे बड़ी ताकत के रूप में उभरकर सबको चौंका दिया है। हालांकि, TVK को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है और सरकार बनाने के लिए उसे अभी करीब 10 सीटों की जरूरत है। ऐसे में राज्य में गठबंधन की राजनीति तेज हो गई है। दूसरी ओर, कांग्रेस और वाम दलों की भूमिका इस बार बेहद अहम मानी जा रही है। माना जा रहा है कि ये पार्टियां ‘किंगमेकर’ की भूमिका निभा सकती हैं और सरकार गठन में निर्णायक साबित होंगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति के पूरे ढांचे में बदलाव का संकेत है। लंबे समय से चली आ रही द्रविड़ राजनीति की पकड़ अब ढीली पड़ती दिखाई दे रही है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या TVK गठबंधन बनाकर सरकार बना पाएगी या राज्य में कोई नया राजनीतिक समीकरण देखने को मिलेगा। तमिलनाडु में इस बार का जनादेश साफ तौर पर बदलाव का संकेत दे रहा है। आने वाले दिनों में सरकार गठन को लेकर तेज राजनीतिक हलचल देखने को मिल सकती है।
