यूपी और उत्तराखंड में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर, भीषण गर्मी से पावर सिस्टम पर दबाव
लखनऊ/देहरादून:
उत्तर भारत में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने के कारण घरों, दफ्तरों और उद्योगों में बिजली की खपत तेजी से बढ़ी है, जिससे पावर सप्लाई सिस्टम पर भारी दबाव देखने को मिल रहा है।
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गर्मी बनी सबसे बड़ी वजह
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, इस समय उत्तर भारत के कई हिस्सों में लू जैसे हालात बने हुए हैं।
तेज गर्मी के कारण:
- एसी, कूलर और पंखों का इस्तेमाल बढ़ा
- दिन के साथ-साथ रात में भी बिजली की खपत ज्यादा
- घरेलू और कमर्शियल दोनों सेक्टर में मांग बढ़ी

यूपी में क्या है स्थिति?
उत्तर प्रदेश में बिजली की मांग ने नया रिकॉर्ड बनाया है:
- शाम के समय पीक डिमांड सबसे ज्यादा दर्ज
- कई जिलों में ट्रांसफॉर्मर पर ओवरलोड
- ग्रामीण इलाकों में कटौती और लो-वोल्टेज की शिकायत
ऊर्जा विभाग के मुताबिक, मांग को पूरा करने के लिए बाहरी राज्यों से भी बिजली खरीदी जा रही है।
उत्तराखंड में भी बढ़ा दबाव
उत्तराखंड में भी बिजली की खपत तेजी से बढ़ी है:
- देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में ज्यादा लोड
- पर्यटन और चारधाम यात्रा के कारण मांग में इजाफा
- पहाड़ी इलाकों में भी अब कूलिंग उपकरणों का उपयोग बढ़ा
पावर सिस्टम पर असर
- ट्रांसमिशन लाइनों पर अतिरिक्त दबाव
- कुछ जगहों पर फॉल्ट और ब्रेकडाउन की घटनाएं
- मेंटेनेंस और सप्लाई मैनेजमेंट बड़ी चुनौती
सरकार और विभाग की तैयारी
- अतिरिक्त बिजली की खरीद जारी
- ट्रांसफॉर्मर और ग्रिड की निगरानी बढ़ाई गई
- फॉल्ट को तुरंत ठीक करने के निर्देश
- बिजली कटौती को कम करने की कोशिश
आम जनता के लिए सलाह
✔️ अनावश्यक बिजली उपकरण बंद रखें
✔️ AC को 24–26°C पर सेट करें
✔️ पीक टाइम (शाम) में बिजली का कम उपयोग करें
✔️ ऊर्जा बचाने वाले उपकरण अपनाएं
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर गर्मी का प्रकोप जारी रहा, तो आने वाले दिनों में बिजली की मांग और बढ़ सकती है। इससे सप्लाई पर दबाव और ज्यादा बढ़ेगा।

यूपी और उत्तराखंड में बढ़ती बिजली की मांग यह दिखाती है कि गर्मी अब इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी सीधा असर डाल रही है।
ऐसे में ऊर्जा बचत और बेहतर प्रबंधन ही इस स्थिति से निपटने का सबसे कारगर उपाय है।
