*गरीबों के चेहरों पर मुस्कान लाना ही मेरा पहला फ़रिज़ा और इबादत है- पीर साबरी*
पिछले चौंतीस दिनों से लगातार रमज़ान और ईद किट्स तक़सीम का सिलसिला जारी रहा जिस का आज पैंतीसवें दिन समापन किया गया

ह्यूमन इफेक्टिव रिलीफ एडवांस्ड ट्रस्ट सिकंदरपुर भैंसवाल का रमजान किड्स और ईद किटस तक्सीम करने का सिलसिला पेंतीस दिनों से लगातार जारी रहा जिसका आज सभी सदस्यों की उपस्थिति में समापन किया गया ट्रस्ट के सभी पदाधिकारीयों और सदस्यों ने तमाम सहयोगियों का शुक्रिया अदा किया और आगे भी हमेशा की तरह हर हाल मे गरीबों का , बेसहारा परिवारों का साथ देने का आह्वान किया।
इस मौके पर ट्रस्ट के राष्ट्रीय महासचिव पीर मुहम्मद अब्बास साबरी ने बताया कि हमारी संस्था हर मौके पर किसी भी हालत में गरीब बेसहारा परिवारों और विधवा महिलाओं और अनाथ बच्चों को अकेला बगैर खुशी के नहीं रहने देते जहां तक भी हमारी संस्था को खबर मिलती है वहां तक हम पहुंच कर ऐसे सभी परिवारों की मदद करते हैं चाहे वह किसी की शिक्षा का मामला हो या किसी बीमार को इलाज या दवाई का मामला हो या घर में राशन पानी का मामला हो या किसी गरीब बच्ची की शादी का मामला हो हम अपनी पूरी टीम के साथ ऐसे लोगों की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं और पिछले तकरीबन पन्द्रह सालों से लगातार हमारी संस्था का एक एक सदस्य सेवा करने में लगा हुआ है हमारी संस्था के बहुत से उद्देश्य हैं जैसे मिशन कोई ना रहे अशिक्षित मिशन कोई ना रहे बीमार मिशन कोई ना रहे भूख और प्यासा अन्य मिशन के तहत हमारी संस्था सभी त्योहारों पर गरीब परिवारों में राशन किटस पहुंचती है जिसमें राशन के साथ-साथ त्योहार से संबंधित सामग्री भी होती है जैसे इस वक्त ईद किट्स में शीर ख़र्मे के लिए दुध, सुखे मेवे, आदि और बच्चों के लिए कपड़े, जुते आदि पीर साबरी ने बताया कि मेरी जिंदगी का सबसे पहला फ़रिज़ा बेसहारा परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लाना है और मेरी सबसे बड़ी इबादत/पुजा यही है मैं इसी को सबसे बड़ी इबादत/पुजा मानता हूं।
आज के इस कार्यक्रम में ट्रस्ट के सभी साथियों के साथ-साथ ताहिर, मोनू, फैसल, नईम, शाहीन माजिद, शामिल रहे
