साहित्य समाज की आत्मा,साहित्यकार तमाम अच्छाई और बुराइयों को अपनी लेखनी के माध्यम से करता है उजागर,यूएई के स्थापना दिवस पर हुआ मुशायरा व कवि सम्मेलन

साहित्य समाज की आत्मा,साहित्यकार तमाम अच्छाई और बुराइयों को अपनी लेखनी के माध्यम से करता है उजागर,यूएई के स्थापना दिवस पर हुआ मुशायरा व कवि सम्मेलन

 

रुड़की।संयुक्त अरब इमारत के स्थापना दिवस के अवसर पर कलम साधना फाउंडेशन और हुसक प्रॉपर्टीज के संयुक्त तत्वाधान में दिल्ली स्थित इंडिया इस्लामिक कल्चर सेंटर में कवि सम्मेलन व ऑल इंडिया मुशायरे का आयोजन किया गया,जिसमें नैनीताल हाईकोर्ट लोक अदालत के अध्यक्ष जस्टिस राजेश टंडन ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया,जबकि वरिष्ठ आईएएस अधिकारी केके पाठक ने कार्यक्रम की अध्यक्षता व संचालन उत्तराखंड उर्दू अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ०अफजल मंगलौरी ने किया।विशिष्ट अतिथि के रूप में दिल्ली के अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर

व कवि आदेश त्यागी,लोकसभा की डिप्टी डायरेक्टर सुश्री नमिता कुमारी,फिल्म एक्ट्रेस व हिमाचल टाइम्स समूह की चैयरमेन सुश्री इंद्राणी पांधी,मुंबई सद्भावना आश्रम के पीठाधीश्वर सूफी गुरु अरविंद जी महाराज,उत्तर प्रदेश की अतिरिक्त जिला जज व कवित्री मीना खान,दिल्ली दरगाह के सज्जादा नशीं सैयद हम्माद निजामी,मैक्वे इंडिया दुबई के चेयरमैन मुशर्रफ अली खान व नीरज फाउंडेशन के अध्यक्ष मृगांक नीरज ने विशिष्ट अतिथि के तौर पर कवि सम्मेलन व मुशायरे में भाग लिया।इस अवसर पर बोलते हुए मुख्य अतिथि जस्टिस राजेश टंडन ने कहा कि भारत और अरब देशों के संबंध

बहुत पुरातन काल से चले आ रहे हैं,इसलिए भारत में अनेक इलाकों में इंडो-अरब संस्कृति आज भी देखने को मिलती है,जो हमारी “वसुधैव कुटुंबकम” की अवधारणा को दर्शाती है।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी केके पाठक ने कहा कि साहित्य समाज की आत्मा है,यदि समाज से साहित्य लुप्त हो जाएगा तो समाज पतन की ओर अग्रसर हो सकता है।उन्होंने कहा कि साहित्यकार समाज की हर अच्छाई और बुराई को अपनी लेखनी के माध्यम से उजागर करता है तथा सभ्यता व संस्कृति का पोषण भी करता है।उन्होंने सफल कार्यकम के लिए अफजल मंगलौरी को बधाई दी ।उन्होंने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात और भारत ने आर्थिक और वैज्ञानिक क्षेत्र में अभूतपूर्व तरक्की की है,जिससे दोनों देशों के लोगों को लाभ पहुंचा है।भारत और अमीरात विश्व में साझा आर्थिक शक्ति के रूप में अपना स्थान बना रहे हैं,जोकि हमारी मित्रता की नींव है।इस मुशायरे व कवि सम्मेलन में जिन कवियों,शायरों ने भाग लिया,उनमें सरदार सुरेंद्र सिंह शजर,जावेद मुशीरी,मैकश आजमी,सुश्री मीना खान,ज्योति आजाद खत्री,सपना एहसास,प्रदीप शर्मा खुसरो,ईशा नाज आदि ने अपने कलाम पेश किया।कलम साधना फाउंडेशन के सचिव व कन्वीनर अफजल मंगलौरी व हुसक प्रॉपर्टीज के अध्यक्ष साबिर अली खान,हुस्ना खान,शाहीर खान,रिचा पराशर,अमनदीप नागी,गुर सिदक नागी आदि ने मेहमानों व कवियों का स्वागत कर उनको स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

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